Tag Archives: जल संरक्षण

राजस्थान के बाँध और उनकी सुरक्षा व्यवस्था – एक सिंहावलोकन

राजस्थान में सदियों से बाँध बना कर जल संचय की परम्परा रही है । आज़ादी से पहले राजस्थान बाँध निर्माण में अग्रणी था पर आज़ादी के बाद लगातार पिछड़ता जा रहा है । इसी के साथ पुराने बाँधों की सुरक्षा … Continue reading →

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उदयपुर का जल प्रबंधन – अतीत और आज

उदयपुर और उदयपुर के आसपास की झीलें तो अपने पुरखों के उत्कृष्ट “जल प्रबंधन” की जीती जागती तस्वीरें हैं ही, इस शहर के स्थल चयन से ले कर शहरकोट के अंदर के भू उपयोग में हरियाली के प्रावधान, तत्कालीन भवनों … Continue reading →

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आहार बदलें – पानी बचाएं

  दिनचर्या की तुलना में आहार में बदलाव कर हम कहीं अधिक पानी बचा सकते हैं । जहाँ एक किलो गेहूँ के उत्पादन के लिये औसतन 1000 लिटर पानी की आवश्यकता होती है वहीं एक किलो जौ के लिये 700 … Continue reading →

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एनिकटों के निर्माण के प्रति सजगता की आवश्यकता

– डी. डी. देराश्री राजस्थान राज्य में सिंचाई विभाग, वन विभाग, भू-संरक्षण विभाग, ज़िला परिषदों, पंचायतों आदि द्वारा सतही जल के संरक्षण (वॉटर हारवेस्टिंग) हेतु एनिकट बनाये जाते हैं। देखने में यह आया है कि इनके अनियोजित निर्माण से कई … Continue reading →

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विश्व जल दिवस, 2012 – आपकी भोजन थाली में कितना पानी ?

आज विश्व में हम 7 अरब लोग हैं जिसमें से लगभग 1 अरब लोग अपनी भूख को प्रयास करने पर भी शांत नहीं कर पाते हैं। सन् 2050 तक विश्व में 2 अरब लोगों की और वृद्धि होने का अनुमान … Continue reading →

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बदलो अन्न- वंचावो पाणी

(भोजन में अन्न परिवर्तन करने से होने वाली प्रभावी जल बचत पर मेवाड़ी भाषा में एक लेख)      आजकालाँ पाणी वंचावे पे जोर है और जमानों देखता थकाँ यो वेणों जरूरी भी हे। पाणी री सब ऊँ वत्ती खपत खेती में … Continue reading →

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पाणी री फ़सल किस्तर व्हे ?

(वॉटर हारवेस्टिंग पर मेवाड़ी भाषा में एक विचारोत्तेजक लेख) आजकालाँ पाणी हंजोवा वाते रोज नवी वाताँ भणवा में आवे। अणाँ में एक वात, वाटर हारवेस्टिंग रे नाम पे घणी जोर दई ने वताई जाइरी है जणी में घराँ री छताँ … Continue reading →

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