कुछ देर नंगे पाँव चलें – स्वस्थ रहें

नंगे पैरजो लोग अधिक स्वस्थ, युवा और ओजस्वी दिखने की प्रबल इच्छा रखते हैं उन्हें प्रतिदिन कम से कम दस मिनट नंगे पाँव हरी घास या बालू पर चलना चाहिये । ऐसा करने से स्वास्थ्य संबंधी कई लाभ होते हैं जिसमें रोग प्रतिरोध क्षमता में वृद्धि और हृदयरोग के आसार में कमी भी सम्मिलित है ।

हमारा शरीर विद्युत तरंगों से युक्त है और हर समय शरीर के क्रियाकलापों से इसमें धनात्मक आवेश (positive charge) की उत्पत्ति होती रहती है । पृथ्वी में ऋणात्मक आवेश (negative charge) रहता है और नंगे पैर चलने से हमारे शरीर का भूयोजन (earthing) हो जाता है । डॉ. जेम्स ऑचमैन, जो बायो फ़िज़िक्स एनर्जी मेडिसिन के जाने माने विशेषज्ञ हैं, के अनुसार पृथ्वी एक प्रभावशाली उपचारक है । नंगे पैर जब हम पृथ्वी के संपर्क में आते हैं तो पृथ्वी के स्वतंत्र इलेक्ट्रोनों का त्वचा के माध्यम से हमारे शरीर में स्थानांतरण होता है । ये इल्क्ट्रोन अत्यंत समर्थ एंटीऑक्सीडैंट हैं जो शरीर में उपलब्ध स्वतंत्र मूलकों (radicals) की सफ़ाई करते हुए उन्हें निष्प्रभावी कर देते हैं जिससे शरीर में कहीं भी आई हुई सूजन और साथ ही ऊतकों (tissues) और कोशाणुओं (cells) के विकार भी घटते हैं । शरीर में कहीं भी आई दृष्ट या अदृष्ट सूजन स्वास्थ्य के विनाश का मूल कारण है, जो सभी रोगों को बढ़वा देती है जिसमें हृदयरोग, कैंसर, मधुमेह जैसे रोग भी शामिल हैं । पहले जूते के तले चमड़े के होते थे अब रबर के होते हैं । चमड़े के तले से पृथ्वी के स्वतंत्र इलेक्ट्रोन हमारे शरीर में प्रवेश कर सकते थे लेकिन रबर के तले से ऐसा नहीं हो पाता है और हम इन उपचारात्मक एंटीऑक्सीडैंट इल्क्ट्रोनों से वंचित हो रहे हैं जो आधुनिक बीमारियों का एक बड़ा कारण है ।

पानी के किनारे पर या बरसात में नंगे पैर टहलना, कम गहरे पानी में बिना जूतों के चलना सभी को अच्छा लगता है और थोड़ी ही देर में हम अपने आप को उत्साहित महसूस करते हैं । इसका कारण यह है कि पैरों के तले में नसों (nerves) का एक गहन (intricate) व सुग्राही (sensitive) तंत्र (network) होता है और एक्यूप्रेशर के कई बिंदु (acupuncture points) होते हैं जो पृथ्वी के स्वतंत्र इलेक्ट्रोनों को बटोरते हैं और हमें स्वस्थ करने में सहायता करते हैं । नमकयुक्त पानी में यह क्रिया और भी तेज़ी से होती है इसीलिये समुद्र किनारे नम रेत में या कम पानी में चलना और भी लाभकारी होता है ।

नंगे पाँव चलने से निम्नलिखित लाभ मिल सकते हैं –

प्रौढ़तारोध (Anti-aging)

गहरी नींद (Sound sleep)

शांत स्नायुतंत्र (A calm nervous system)

घाव भरने में तेज़ी (Accelerated healing from injuries)

हृदय स्वस्थता (Cardiovascular health)

उच्च रोग प्रतिरोध क्षमता (Enhanced immune system)

मासिक धर्म संबंधी विकारों में कमी (Reduced PMS symptoms)

स्फ़ूर्ति में वृद्धि (Increased energy)

सोजिश में कमी (Reduction in inflammation)

जैट लैग का समापन (Elimination of jet lag)

विद्युत चुंबकीय तरंगों से बचाव (Protection against electromagnetic fields – EMFs)

नंगे पैर चलने से खून पतला पड़ता है और यह इतना प्रभावी होता है कि यदि कोई व्यक्ति खून पतला करने की दवाई ले रही हो तो उसे दवाइयाँ कम करने के लिये डॉक्टर की सलाह लेनी पड़ जाय । एक अन्य अनुसंधान के अनुसार हरी घास पर कुछ देर यलने से मानसिक अवसाद में 62% कमी देखी गई है।

भारत में पूजा स्थलों में नंगे पैर प्रवेश करने की परम्परा है । पूजा स्थलों में पाँच दस मिनट बिताते ही हम थोड़ा हल्कापन महसूस करने लगते हैं जिसका कारण यह है कि नंगे पैर चलने से हमारे शरीर के धनात्मक आवेश में कमी हो जाती है जो हमें राहत देती है । पुराने समय में ऋषि मुनि जानवरों की खाल पर सोया करते थे तो इसका भी वैज्ञानिक आधार यह है कि चमड़े के माध्यम से हमारे शरीर का भूयोजन (earthing) संभव है जबकि रुई या कपड़े के माध्यम से ऐसा नहीं हो सकता है।

तो आइये और आज से ही कुछ देर नंगे पैर चलने की आदत डालिये।

-ज्ञान प्रकाश सोनी

आभार –

http://www.thehealersjournal.com/2012/12/02/the-incredible-benefits-of-walking-barefoot-daily/

“Can Electrons Act as Antioxidants? A Review and Commentary” James L. Oschman, Ph.D., The Journal of Alternative and Complementary Medicine, Vol.13, Number 9, 2007, pp.955-967. energyresearch.homestead.com/about

“Acupressure Treasures: Yong Quan — Gushing/Bubbling Spring” Elizabeth Reninger.taoism.about.com/od/Acupressure_Treasures/a/Yong-Quan-KD1

“Earthing: Restoring Health From the Ground Up” Camilla Rees, MBA, Holistic Primary Care, Vol. 12, No.3. Fall, 2011. holisticprimarycare.net

“Earthing: The Most Important Health Discovery Ever?” Martin Zucker, Townsend Newsletter — The examiner of Alternative Medicine, May 2010. townsendletter.com/May2010/earthing0510

“Grounding the human body to neutralize bio-electrical stress from static electricity and EMF’s” A. Clinton Ober, ESD Journal. esdjournal.com/articles/cober/ground

http://en.wikipedia.org/wiki/Barefoot

http://articles.mercola.com/sites/articles/archive/2012/09/20/barefoot-on-electron-deficiency.aspx

http://www.mindbodygreen.com/0-4369/7-Health-Benefits-of-Going-Barefoot-Outside.html

This entry was posted in स्वास्थ्य, हिंदी प्रभाग (Hindi Section) and tagged , , , , , . Bookmark the permalink.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *