Author Archives: gpsoni

पाणी पीवा री राजस्थानी रीत – पाणी वंचावा री मीत

(मेवाड़ी भाषा में जल बचत पर एक लेख) आजकल हम लोग ग्लासों  को मुँह से लगा कर पानी पीते हैं जबकि पहले  ग्लास को बिना झूठा किये पानी पीने का रिवाज़ रहा है। मेवाड़ी भाषा के इस लेख में यह  अनुमान … Continue reading →

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Lake “Fateh Sagar” of Udaipur, Rajasthan (India) needs to be actually called as “Fatah Saagar”

One of the famous lakes of Udaipur, normally pronounced and written as “Fateh Sagar,” needs to be pronounced and written as “Fatah Saagar” on the basis of history of its naming and correct pronunciation of Hindi and Urdu words. This … Continue reading →

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पाणी री फ़सल किस्तर व्हे ?

(वॉटर हारवेस्टिंग पर मेवाड़ी भाषा में एक विचारोत्तेजक लेख) आजकालाँ पाणी हंजोवा वाते रोज नवी वाताँ भणवा में आवे। अणाँ में एक वात, वाटर हारवेस्टिंग रे नाम पे घणी जोर दई ने वताई जाइरी है जणी में घराँ री छताँ … Continue reading →

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विकास कार्य और गांधीवाद

विकास कार्यों के निष्पादन मे विगत कुछ वर्षों से मानव श्रम के स्थान पर मशीनों से खुदाई करने, मसाला व गिट्टी मिलाने की परिपाटी बढ़ रही है और परम्परागत रूप से अपनायी जाने वाली निर्माण विधियाँ, जैसे चूना मसाले में … Continue reading →

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उदयपुर के सीवेज ट्रीटमेंट तंत्र में हिंदुस्तान ज़िंक का सहयोग – कुछ प्रश्न

विगत कुछ माहों से छप रहे समाचारों के अनुसार उदयपुर शहर के मलितजल (सीवेज) को उपचारित करने के लिये एक मलितजल उपचारण सयंत्र (Sewage Treatment Plant – STP) शहर के दक्षिण-पूर्व में स्थित मनवाखेड़ा के पास स्थापित करने के लिये … Continue reading →

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जल मापन में फुट, इंच आदि का उपयोग गैर कानूनी व सज़ा योग्य

हमारे देश में मेट्रिक प्रणाली लागू है जिसके अनुसार लंबाई या ऊँचाई मीटर, सैंटीमीटर, मिलिमीटर आदि में ही दर्शाना अनिवार्य है और इसके लिये फुट या इंच आदि का उपयोग गैर कानूनी है व ऐसा पाए जाने पर सज़ा का … Continue reading →

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धूप से दोस्ती – अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी

किसी भी समाज की उन्नति के लिये नागरिकों का स्वास्थ्य अच्छा होना पहली आवश्यकता है। हमारे यहाँ यह कहावत रही है कि – एक तंदुरस्ती, हज़ार नियामत। लेकिन इन दिनों देखा यह जा रहा है कि ब्लड प्रेशर, डिप्रेशन, अनिद्रा, … Continue reading →

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उदयपुर की आयड़ नदी – सुरम्य कैसे हो ?

उदयपुर नगर अपनी झीलों, बगीचों, पुरानिर्माणों, समशीतोष्ण मौसम, गौरवमयी इतिहास, आत्मसम्मान के लिये संघर्षरत रहने की परम्परा आदि के लिये विख्यात है। पर्यटकों की इस नगरी का आकर्षण और बढ़ाने के लिये लगातार प्रयास हो रहे हैं और आयड़ नदी … Continue reading →

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उदयपुर के एक अभियंता द्वारा विकसित अनूठी वैब साइट – शब्दकोश डॉट कॉम

इंटरनेट पर तुरंत देखें – अंग्रेज़ी शब्दों के हिंदी पर्याय कम्प्यूटरों बढ़ते उपयोग व इंटरनेट पर उपलब्ध अथाह जानकारी के इस युग में अंग्रेजी में उपलब्ध जानकारी को समझने और अनुवाद करने के लिये अंग्रेजी शब्दों के हिंदी पर्याय तुरंत … Continue reading →

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अवैध निर्माणों का मूल कारण – उत्तरदायित्व निर्धारण का अभाव

स्वाधीनता के बाद की उल्लेखनीय कुपरिपाटियों में अतिक्रमण और अवैध निर्माण एक मुख्य कुपरिपाटी है और यह प्रवृति बढ़ती ही जा रही है जिसके चपेटे में केवल बिलानाम सरकारी भूमि ही नहीं, आरक्षित वन भूमि, देवस्थान भूमि और चरागाहों के … Continue reading →

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