Author Archives: gpsoni

मँहगाई की मार से दम तोड़ता न्यायालय की अवमानना का कानून

भारत में मँहगाई लगातार बढ़ती जा रही है लेकिन अधिकतर कानूनों में जिन ज़ुर्मानों का प्रावधान है वे जिस साल बने थे तब से वहाँ के वहाँ ही हैं और इस कारण कई कानून लगभग प्रभावहीन होते जा रहे हैं … Continue reading →

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सत्यमेव जयते की वैब साइट का हिंदी प्रभाग – क्या यही भविष्य की हिंदी है ?

पिछले कुछ दिनों से श्री आमिर खान के टेलिविजन धारावाहिक – "सत्यमेव जयते" के विभिन्न सोपानों (episodes) का प्रसारण हुआ जिसकी सारे देश में प्रशंसा हुई क्योंकि जो मुद्दे उठाए गए वे सभी बहुत प्रासंगिक हैं और कड़ी मेहनत के … Continue reading →

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सीएफ़एल (CFL) बल्ब और ट्यूब – सोच कर लगाएँ और खतरों से रहें सावधान

-ज्ञान प्रकाश सोनी बिजली की कमी और इसकी बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए बिजली की बचत के लिये  सीएफ़एल बल्ब और ट्यूब लगाना समय की आवश्यकता है इसलिये इन्हें लगाएं ज़रूर पर इसके साथ ही इसके ख़तरों से … Continue reading →

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MAKING EVERY DROP OF WATER COUNT – HOW CAN WE CONTRIBUTE?

We know Drop by Drop Water Pot Gets Full Therefore Every Drop is Precious – Save it. D. D. Derashri* The current practices with regard to conservation management and use have resulted in diminishing the sustainable status of fresh water … Continue reading →

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एनिकटों के निर्माण के प्रति सजगता की आवश्यकता

– डी. डी. देराश्री राजस्थान राज्य में सिंचाई विभाग, वन विभाग, भू-संरक्षण विभाग, ज़िला परिषदों, पंचायतों आदि द्वारा सतही जल के संरक्षण (वॉटर हारवेस्टिंग) हेतु एनिकट बनाये जाते हैं। देखने में यह आया है कि इनके अनियोजित निर्माण से कई … Continue reading →

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देवस्थान विभाग, राजस्थान की दरियादिली की कीमत

राजस्थान में आज़ादी से पहले कई राजाओं ने मंदिरों के दिन प्रतिदिन के खर्च की स्वचालित व्यवस्था के लिये काफ़ी आबादी या कृषी योग्य भूमि के खातेदारी अधिकार संबंधित मंदिर के नाम किये थे और मंदिर की मूर्ति को नाबालिग घोषित किया था … Continue reading →

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Lemon (Citrus ) – a miraculous product

– D.D. Derashri Use of lemon is very common in India and Indians know its beneficial effects. Now, research at Institute of Health Sciences, Baltimore, Maryland, U.S.A. has shown that this plant is not only useful for treating infections, high … Continue reading →

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विश्व जल दिवस, 2012 – आपकी भोजन थाली में कितना पानी ?

आज विश्व में हम 7 अरब लोग हैं जिसमें से लगभग 1 अरब लोग अपनी भूख को प्रयास करने पर भी शांत नहीं कर पाते हैं। सन् 2050 तक विश्व में 2 अरब लोगों की और वृद्धि होने का अनुमान … Continue reading →

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वरखा पाणी – रूँखड़ा रे साणी

(वर्षा और पेड़ पौधो के संबंध पर मेवाड़ी भाषा में एक लेख) शैर तो शैर, गामाँ गामाँ में पाणी री मारा मारी चाल री है जा वरस दर वरस वद्तीज जाइरी है। जठे छा तक नीं वेचवा रो कायदो हो, … Continue reading →

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बदलो अन्न- वंचावो पाणी

(भोजन में अन्न परिवर्तन करने से होने वाली प्रभावी जल बचत पर मेवाड़ी भाषा में एक लेख)      आजकालाँ पाणी वंचावे पे जोर है और जमानों देखता थकाँ यो वेणों जरूरी भी हे। पाणी री सब ऊँ वत्ती खपत खेती में … Continue reading →

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