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वरखा पाणी – रूँखड़ा रे साणी

(वर्षा और पेड़ पौधो के संबंध पर मेवाड़ी भाषा में एक लेख) शैर तो शैर, गामाँ गामाँ में पाणी री मारा मारी चाल री है जा वरस दर वरस वद्तीज जाइरी है। जठे छा तक नीं वेचवा रो कायदो हो, … Continue reading →

Posted in जल संरक्षण, मेवाड़ी प्रभाग (MEWARI SECTION) | Tagged , , , , , , | 2 Comments